Monday, 30 June 2014

Don’t give up on me yet!!



So you are difficult to handle and with growing age getting worse!
They say with age comes maturity,
I say with age comes rigidity. 
You tend to get more headstrong
and sometimes in a negative manner,
more stubborn.  
You won’t budge ‘cause you know it all
And once you’ve made your point
you don’t wanna lose ground.
Happens with me a lot too but then
I am not always so pigheaded.. 
And I refuse to give up on you
So you dare not give up on me yet!
Not just yet..

अम्मा की रसोई..

कहाँ गए वो चौके-चूल्हे के घर
 वो धुंए से काले हुए बर्तन..
कहाँ गए वो दाल भात के दिन
वो कोयले की राख से सने बर्तन
अम्मा..

वो तीखी मिर्चें, वो मीठी चटनी,
बस सूखे आलू और पानी  की रोटी,
वो खुशबू तेरे छौंक की 
वो जादू तेरे हाथ का... 
अम्मा..

आज मेरी रसोई चमकदार है..
बर्तनो में कांच की खंकार है,
पर  खाने में वो स्वाद है..
 कामवाली के पकाने में वो प्यार है
अम्मा..

 हवा में तेरी पुकार है
 तेरे बुलावे का इंतज़ार है,
अपनी दुनिया में जी रही हूँ मगर,
मन को आज भी तेरी ही दरकार है 
अम्मा!!




Saturday, 28 June 2014

दो और एक: एक















ज़मीन के नीचे से झांकते ,
ऊपरी दुनिया को टटोलते..
वही दो नयन हैं,
वही एक मन है!!
कुछ कहना चाहते  हैं 
कुछ सुनना चाहते हैं,
वही दो नयन हैं,
वही एक मन है!! 

कभी भीग जाते हैं भीतर तक,
फिर सूख जाते हैं... 
वही दो नयन हैं,
वही एक मन है!! 
जाने किस तलाश में,
यूंही फिरते इधर उधर 
वही दो नयन हैं,
वही एक मन है!!
कभी एक दम चुप
कभी फिर से मुखर..
वही दो नयन हैं,
वही एक मन है!!
कभी सपनो में उलझे,
कभी सपनो से परे.. 
वही दो नयन हैं,
वही एक मन है!!
ताल मेल अच्छा है,
साथ मिलके रहते हैं,
क्या यही कम हैं.. 
कि आपस मैं बात करते हैं,
एक सी बात करते हैं 
ये मेरे दो नयन हैं,
ये मेरा एक मन है!!