पुराने सामान को संभाल रखना
पुरानी आदत है,
के इस परेशानी की वजह क्या है
पुराना सामान है,
आदत है या
सिर्फ मैं हूँ ...
पुरानी आदत है,
इस आदत से परेशान रहना भी
पुरानी आदत है..
यहाँ से उठा कर वहाँ रख देती हूँ,
फिर उधर भी बुरा लगता है
तो खीज जाती हूँ
कहीं छुपा के रख दूँ,
नज़र ना पड़ने पाए
इस ख़याल से परेशान रहना
पुरानी आदत है..
कभी सोचती हूँ
यूँ ही फेंक दूँ इसको
या दे दूँ किसी को, कोई ले जाए
फिर उठा के किसी कोने में
डाल देती हूँ ..
पुराना हुआ तो क्या, कभी
काम आएगा
इस पुरानी सोच से परेशान रहना
पुरानी आदत है..
पुरानी आदत है..
सामान से परेशान हूँ या
ख़ुद से हूँ
जवाब है फिर भी
सवाल ढूँढती हूँ
जो दिख रहा है मानती क्यूँ नहीं
परेशान रहना..
आदत बना डाली है
आदत बना डाली है
क्या कहूँ किस से कहूँ
के अब हर वक़्त
इस आदत से परेशान रहती हूँ ..
ये भी ख्याल आता है मन में के इस परेशानी की वजह क्या है
पुराना सामान है,
आदत है या
सिर्फ मैं हूँ ...