Sunday, 10 August 2014

जा...

चल जा
दूर हो जा 
फिर ना आ
दिल ना दुखा
आस न जगा
कह दिया ना
पास भी न आ
तू ख्वाब है
ख्वाब की तरह...रहना सीख
हक़ीक़त बनने की 
होड़ न लगा!
चल...अब जा...

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