Tuesday, 11 November 2014

माँ का लाडला..

प्रिय प्रद्योत और उसकी प्यारी माँ, मेरी प्यारी बहन डॉली के नाम...

आज ही के दिन आया था तेरा लाडला..
तुझे ज़िन्दगी का सबसे हसीं तोहफा देने,
एक अरसा पहले आज ही के दिन आया..
वो तेरी पलकों को नया सपना देनेI
तेरे आँचल में भर दिए उसने,
इन्द्रधनुष के रंग सभी..
तेरे आँगन में भर दिए उसने,
अपने बचपन, जवानी के ढंग सभीI
अब बस महक है बाकी,
उसकी मीठी बातों की..
इन्हें प्यार से संजोये रखना,
ये दौलत है मीठी यादों कीI
तेरे दिल से उसकी जुदाई का,
ये ज़ख्म न भरेगा कभी
पर तुझे फिर किसी रूप में,
खिलखिलाता, वो ज़रूर मिलेगा कहींI

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